पाकिस्तान सेना के खिलाफ जर्मनी में बलूच कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, ऑनलाइन भी चलाया अभियान

पाकिस्तान सेना और बलूच कार्यकर्ताओं के बीच लंबे समय से चल रही हिंसा खत्म होती नहीं दिख रही है। अब जर्मनी में पाक सेना के खिलाफ प्रदर्शन किय गया है।
Social Share

बर्लिन, एएनआइ। पाकिस्तान सेना और बलूच कार्यकर्ताओं के बीच लंबे समय से चल रहा संघर्ष जारी है। अब जर्मनी में बलूच कार्यकर्ताओं ने पाक सेना के खिलाफ प्रदर्शन किया है। बलूचिस्तान में मानवााधिकारों के हनन करने के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध दर्ज किया है। हाल ही में बलूचिस्तान में लगातार बढ़ रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन और हरनाई घटना के विरोध में यह यहां प्रदर्शन किया गया है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना ने क़ैसर चलगर्री (Qaisar Chalgarri) के परिवार सहित उनकी नौ साल की बेटी नाज़ को भी मार डाला। इसके विरोध में जर्मनी में यह विरोध प्रदर्शन शुरु किया गया है।

बलूच राष्ट्रीय आंदोलन द्वारा आयोजित किया गया प्रदर्शन

यह प्रदर्शन शनिवार को बलूच राष्ट्रीय आंदोलन द्वारा आयोजित किया है। इसके साथ ही नाज को इंसाफ दिलाने के लिए कार्यकर्ताओं ने यह ऑनलाइन अभियान चलाया है। जस्टिस फोर नाज वीबी नाम से यह अभियान ऑनलाइन भी चलाया गया है।

इन लोगों ने प्रदर्शन में लिया हिस्सा

बलूच राष्ट्रीय आंदोलन के सदस्यों के साथ-साथ बलूच के लोगों की लिए हमदर्दी रखने वाले संगठनों ने भी इस प्रदर्शन में सहयोग किया। इस दौरान बलूच रिपब्लिकन पार्टी (बीआरपी जर्मनी चैप्टर), पख्तून ताहफुज मोमेंट (पीटीएम) के सदस्य और स्थानीय समुदाय के लोगों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

बीएनएम जर्मनी ज़ोन के अध्यक्ष हम्माल बलूच ने प्रतिभागियों को संबोधित किया और कहा, “आज के प्रदर्शन का उद्देश्य बलूचिस्तान में पाकिस्तान की सेना द्वारा हरनाई त्रासदी और मानव अधिकारों के उल्लंघन के बारे में दुनिया को अवगत कराना है। कुछ दिनों पहले पाकिस्तान सेना बलूचिस्तान में एक परिवार पर हमला किया था। हरनाई में एक घर में बुजुर्ग व्यक्ति क़ैसर चलगर्री और उनकी 9 साल की बेटी नाज़ बीवी की हत्या कर दी गई और उनके लड़कों का अपहरण कर लिया गया। इसके खिलाफ उन्होंने यह प्रदर्शन शुरु किया है। बता दें कि देश को आजादी मिलने के बाद से पाकिस्तान ने बलूचिस्तान को जबरन पाकिस्तान में शामिल कर लिया था। तभी से बलूच के लोगों का पाकिस्तान की सेना से संघर्ष चल रहा है।